राज और समाज पर खरी आवाज

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शुक्रवार, 23 दिसंबर 2011

कथानक

जंगल में चुनाव हुए.... जंगली जनता ने दवाब बनाया की राज शेर को सौपा जाये..... पर पञ्च शेर से डरे हुए थे.... वो गधे को राजा बनाना चाहते थे.. जनता अनशन पर बैठ गई. डरे पंचों ने गीदड़ की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई. कमिटी शेर को राजा बनाने पर तैयार तो गई पर कुछ शर्तों के साथ- शेर के दांत तोड़ दिए गए, उसके नाखून स्थाई रूप से काट दिए गए, उसके गले में सैलेंसेर लगा दिया गया....... इसे कहते हो लोकतंत्र की शक्ति.

किस शहर से आए हैं

कहां - कहां से

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